खेत खलिहान

बिहान दीदियों की फूलों की खेती बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

गुलाब और गेंदा की खेती से महिला सशक्तिकरण को नई उड़ान

बिहान दीदियों की फूलों की खेती बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर।  सेवा की भावना और आत्मनिर्भरता का संगम बनी हैं बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत बेरलाकला की बिहान दीदी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर इन महिलाओं ने फूलों की खेती को अपनी आय और सम्मान का जरिया बना लिया है।

पहले जो महिलाएं केवल घर के कामों तक सीमित थीं, आज फूलों की खेती से हर महीने हजारों रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। त्योहारों और विवाह सीजन में फूलों की मांग बढ़ने पर कमाई और भी बढ़ जाती है। सामूहिक खेती और बिहान बाजार से जुड़ने से उन्हें बिचौलियों से छुटकारा मिला है और सीधे बाजार से उचित दाम मिल रहा है।

महिलाओं का पारंपरिक कार्यों से हटकर इस तरह के नवाचार को अपनाना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। यह सेवा की कहानी बताती है कि जब शासन की योजना और महिलाओं की मेहनत एक साथ आती है, तो गांव में ही आत्मनिर्भरता की खुशबू महकने लगती है।

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