मध्यप्रदेश

राम से रहीम तक एक कानून’… UCC पर विधानसभा में गरजे CM मोहन

भोपाल. मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) विधेयक सोमवार को तीखी बहस, नारेबाजी और कई बार कार्यवाही स्थगित होने के बीच पारित हो गया। विधेयक पेश होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कांग्रेस ने इसे जल्दबाजी में लाया गया बताते हुए प्रवर समिति (Select Committee) के पास भेजने की मांग की, जबकि भाजपा ने इसे सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। सदन में हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।

CM मोहन यादव बोले- अब सभी नागरिकों के लिए समान कानून

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में कहा कि मध्यप्रदेश में अब अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक व्यवस्था लागू होगी। उन्होंने कहा कि राज्य “राम से रहीम और एंथोनी से अकबर” तक सभी के लिए समान संवैधानिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि UCC का मसौदा व्यापक जनपरामर्श के बाद तैयार किया गया और समिति को मिले सुझावों में बड़ी संख्या में लोगों ने इसका समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि मसौदा तैयार करने वाली समिति के समक्ष लगभग 80 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं और 40 प्रतिशत मुस्लिम पुरुषों ने भी इसका समर्थन किया था।

विपक्ष ने उठाए सवाल, आरिफ मसूद ने किया विरोध

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि इसमें कई संवैधानिक और कानूनी पहलुओं पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। उन्होंने तर्क दिया कि संविधान का अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यकों को अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा का अधिकार देता है। मसूद ने सरकार से मांग की कि विधेयक को जल्दबाजी में पारित करने के बजाय विस्तृत अध्ययन के लिए प्रवर समिति को भेजा जाए। विपक्ष ने अनुसूचित जनजातियों को दिए गए अपवाद का हवाला देते हुए अन्य समुदायों से जुड़े सवाल भी उठाए।

सरकार का जवाब- व्यापक जनसुझाव के बाद तैयार हुआ मसौदा

कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि UCC का मसौदा बंद कमरे में तैयार नहीं किया गया। उनके अनुसार राज्यभर में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर लगभग 10 लाख लोगों से सुझाव लिए गए। सरकार का कहना है कि विधेयक समाज के विभिन्न वर्गों की राय और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। मंत्री प्रह्लाद पटेल ने भी विपक्ष पर बहस से बचने का आरोप लगाया।

UCC विधेयक की प्रमुख बातें

  • मध्यप्रदेश विधानसभा ने हंगामे के बीच UCC विधेयक पारित किया।
  • कांग्रेस ने विधेयक को Select Committee के पास भेजने की मांग की।
  • मुख्यमंत्री ने इसे सभी नागरिकों के लिए समान अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम बताया।
  • सरकार के अनुसार मसौदा तैयार करने से पहले राज्यभर से लाखों सुझाव प्राप्त किए गए।
  • मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मसौदा समिति के समक्ष बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं और मुस्लिम पुरुषों ने भी समर्थन दर्ज कराया।
  • प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति और लिव-इन संबंधों से जुड़े समान नागरिक प्रावधान शामिल हैं, जबकि अनुसूचित जनजातियों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।

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