
अम्बिकापुर : अंबिकापुर सकालो में अफ्रीकन स्वाइन फीवर वैक्सीन का पहला ट्रायल प्रारम्भ
यह ट्रायल National Institute of High Security Animal Diseases (भोपाल) द्वारा विकसित वैक्सीन पर किया जा रहा है
अम्बिकापुर। अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) जैसी अत्यंत घातक एवं संक्रामक वायरल बीमारी की रोकथाम के लिए अंबिकापुर के सकालो स्थित शासकीय पिग फार्म में ASF वैक्सीन का ट्रायल प्रारंभ किया गया है। यह ट्रायल National Institute of High Security Animal Diseases (भोपाल) द्वारा विकसित वैक्सीन पर किया जा रहा है। यह परीक्षण पशुपालन विभाग के निर्देशानुसार वैज्ञानिक पद्धति से संचालित किया जा रहा है। इस वैक्सीन के विकास एवं परीक्षण में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वेंकटेश एवं डॉ. सेंथिल कुमार की प्रमुख भूमिका है। वरिष्ठ पशु चिकित्सक, पिग फार्म अंबिकापुर डॉ. सी. के. मिश्रा ने बताया कि विभागीय मार्गदर्शन में ट्रायल का संचालन किया जा रहा है, जिससे भविष्य में इस घातक बीमारी की प्रभावी रोकथाम हेतु ठोस समाधान प्राप्त होने की संभावना है। अफ्रीकन स्वाइन फीवर सूअरों में होने वाली एक अत्यंत जानलेवा बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर बहुत अधिक होती है। यह बीमारी घरेलू एवं जंगली दोनों प्रकार के सूअरों को प्रभावित करती है। वर्तमान में इस रोग का कोई प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है तथा संक्रमित पशुओं के नियंत्रण हेतु क्यूलिंग, क्वारंटाइन एवं आवागमन नियंत्रण जैसे उपाय अपनाए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि देश में ASF वैक्सीन का यह प्रथम ट्रायल है। वर्तमान में भारत ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर भी ASF का कोई पूर्ण रूप से स्वीकृत (कमर्शियल) वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अंबिकापुर में प्रारंभ हुआ यह ट्रायल सूअर पालन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल एवं आशा की किरण के रूप में देखा जा रहा है।



