खेती संसार

जुलाई में करें इन 5 सब्जियों की खेती, कम लागत में पाएं ज़्यादा मुनाफा

जुलाई का महीना कृषि के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। इस समय वर्षा ऋतु की शुरुआत हो चुकी होती है और खेतों की नमी का फायदा उठाकर किसान कम समय में तैयार होने वाली सब्जियों की खेती कर सकते हैं। ये फसलें जल्दी पकती हैं, इनकी बाजार में अच्छी मांग रहती है और भाव भी अक्सर लाभकारी होते हैं। आइए जानते हैं जुलाई में की जाने वाली 5 लाभकारी सब्जियों के बारे में।


1. करेला (Bitter Gourd)

बाजार मांग: करेले की मांग सालभर बनी रहती है और बरसात के समय इसकी बिक्री तेज हो जाती है।
उपयुक्त मिट्टी: बलुई दोमट या दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त।
बुवाई विधि: बीज से सीधी बुवाई या नर्सरी के माध्यम से रोपाई।
आवश्यक तापमान:

  • अंकुरण के लिए: 22–25°C

  • फूल व फल के लिए: 25–35°C
    बीज किस्में: पूसा हाइब्रिड-2, काशी सुफल, पूसा विशेष, पंजाब करेला-1, पूसा औषधि आदि।
    खेती तरीका:

  • 60-70 सेमी चौड़ी नालियां 1.5-2 मीटर की दूरी पर बनाएं।

  • मेड के पास 1 मीटर की दूरी पर 3–4 पौधे लगाएं।

  • बीज 2–3 इंच गहराई में बोएं।


2. टमाटर (Tomato)

बाजार मांग: टमाटर की कीमत में अक्सर तेजी आती है, जिससे मुनाफा बढ़ जाता है।
उपयुक्त मिट्टी: जल निकास वाली बलुई दोमट मिट्टी।
नर्सरी बीज मात्रा:

  • सामान्य किस्म: 350–400 ग्राम/हेक्टेयर

  • संकर किस्म: 150–200 ग्राम/हेक्टेयर
    बीज किस्में:

  • सामान्य: पूसा रूबी, पूसा गौरव, सोनाली

  • हाइब्रिड: पूसा हाइब्रिड-1, पूसा हाइब्रिड-2
    खेती तरीका:

  • बीजों को कार्बेन्डाजिम या ट्राइकोडर्मा से उपचारित करें।

  • पौध तैयार होने पर 25–30 दिन में मुख्य खेत में रोपाई करें।

  • पौधे से पौधे की दूरी: 75 सेमी

  • कतार से कतार की दूरी: 60 सेमी


3. खीरा (Cucumber)

बाजार मांग: गर्मियों और बारिश में इसकी डिमांड बहुत रहती है।
उपयुक्त मिट्टी: जल निकासी वाली बलुई या दोमट मिट्टी।
बीज किस्में: पूसा बरखा, पूना खीरा, स्वर्ण अगेती, पूसा संयोग आदि।
खेती तरीका:

  • नर्सरी ट्रे में बीज बोएं (कोकोपीट, वर्मीकुलाइट और पर्लाइट का मिश्रण)।

  • पौधे 15–20 दिन में तैयार हो जाते हैं।

  • खेत में 60–75 सेमी चौड़ी नाली 1.5–2 मीटर पर बनाएं।

  • मेड पर 1-1 मीटर की दूरी पर 3-4 बीज की बुवाई करें।


4. भिंडी (Okra)

बाजार मांग: सालभर अच्छी रहती है, भाव भी स्थिर रहते हैं।
बीज मात्रा:

  • सिंचित क्षेत्र: 2.5–3 किलो/हेक्टेयर

  • असिंचित क्षेत्र: 5–7 किलो/हेक्टेयर
    बीज किस्में: पूसा ए-4, परभनी क्रांति, अर्का अनामिका, वर्षा उपहार आदि।
    खेती तरीका:

  • बीजों को सीधे खेत में बोएं।

  • कतार से कतार की दूरी: 40–45 सेमी

  • पौधे से पौधे की दूरी: 25–30 सेमी

  • बुवाई गहराई: 2–3 सेमी


5. शिमला मिर्च (Capsicum)

बाजार मांग: हरी, लाल और पीली शिमला मिर्च की बाजार में काफी अच्छी मांग रहती है।
बीज मात्रा:

  • सामान्य किस्म: 750–800 ग्राम/हेक्टेयर

  • संकर किस्म: 250–300 ग्राम/हेक्टेयर
    बीज किस्में:

  • सामान्य: अरका मोहिनी, अरका वसंत, कैलिफोर्निया वंडर

  • संकर: पूसा दीप्ति, ग्रीन गोल्ड, इंद्रा
    खेती तरीका:

  • नर्सरी ट्रे में वर्मीकुलाइट, पर्लाइट और कोकोपीट (1:1:2) का मिश्रण भरें।

  • एक सेल में एक बीज बोएं और हल्की सिंचाई करें।

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