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सुरेश की उंची छलांग, साधारण किसान से बने करोड़ों कारोबारी

  • ‘किसान मितान एग्रो’ ने बदली खेती-किसानी की तस्वीर, 25 लोगों को मिला रोजगार

रायपुर। कोण्डागांव जिले के बड़ेबेंद्री गांव के निवासी  सुरेश देवांगन ने अपनी मेहनत, सूझबूझ और दृढ़ संकल्प के बल पर सफलता की नई इबारत लिखी है। कभी खुद कृषि उपकरणों को गांव-गांव पहुंचाकर किसानों की मदद करने वाले श्री सुरेश देवांगन आज आधुनिक कृषि उपकरणों के निर्माण के क्षेत्र में अपनी पहचान स्थापित कर चुके हैं। उनके द्वारा स्थापित ‘किसान मितान एग्रो’ आज लगभग 07 करोड़ रुपए के वार्षिक टर्नओवर तक पहुंच चुका है और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ किसानों के लिए भी मददगार साबित हो रहा है।

खेती-किसानी के शुरुआती दिनों में सुरेश देवांगन ने ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक कृषि उपकरणों की कमी को करीब से महसूस किया। किसानों को खेती के लिए आवश्यक उपकरण आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते थे। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से उन्होंने थ्रेशर मशीनें को लेकर गांव-गांव जाना शुरू किया। वे जरूरतमंद किसानों को किराये पर कृषि उपकरण उपलब्ध कराते थे। उस समय इसकी मांग कम थी, लेकिन उन्होंने भविष्य की इसकी जरूरतों को देखते हुए थ्रेसर और रोटावेटर के विक्रय हेतु  डिलरशिप लेने की सोची।

किसानों के बीच बढ़ती मांग ने उन्हें अपने व्यवसाय का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अन्य राज्यों और जिलों से कृषि ट्रॉलियां मंगाकर स्थानीय स्तर पर उनकी बिक्री शुरू की। हालांकि, इस दौरान उन्हें समय पर ट्रॉलियों की डिलीवरी नहीं मिलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इससे ग्राहकों को परेशानी होती थी और उनके व्यवसाय की साख भी प्रभावित होती थी। इन चुनौतियों से निराश होने के बजाय श्री देवांगन ने इसे आत्मनिर्भर बनने के अवसर के रूप में देखा। उन्होंने निर्णय लिया कि बाहरी राज्यों पर निर्भर रहने के बजाय कोण्डागांव में ही आधुनिक कृषि उपकरणों की निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मिली नई दिशा

अपने सपने को साकार करने के लिए उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र कोण्डागांव में संपर्क किया। यहां उन्हें शासन की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। योजना के तहत उन्होंने बैंक ऑफ बड़ौदा से 50 लाख रुपए का ऋण प्राप्त किया। इसके साथ ही जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के माध्यम से 12.50 लाख रुपए की सब्सिडी भी स्वीकृत हुई। इस वित्तीय सहायता ने उनके सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्राप्त सहायता से उन्होंने रायपुर नाका कोण्डागांव के पास ‘किसान मितान एग्रो’ नाम से अपनी आधुनिक कृषि उपकरण निर्माण इकाई स्थापित की। यहां कृषि ट्रॉलियों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की उच्च गुणवत्ता वाली कृषि मशीनों और उपकरणों का निर्माण शुरू किया गया।

20 लाख से 7 करोड़ रुपए तक पहुंचा कारोबार

स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर मजबूत और टिकाऊ कृषि उपकरणों का निर्माण करने से ‘किसान मितान एग्रो’ के उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ने लगी। जिस व्यवसाय का शुरुआती कारोबार लगभग 20 लाख रुपए था, वह निरंतर मेहनत और बेहतर गुणवत्ता के दम पर आज लगभग 7 करोड़ रुपए तक वार्षिक टर्नओवर तक पहुंच गया है। श्री देवांगन ने भविष्य में अपने व्यवसाय को और अधिक विस्तार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है तथा वे अपने कारोबार को और आगे पहुंचाना चाहते हैं।

स्थानीय युवाओं को रोजगार, किसानों को सुविधा

आज ‘किसान मितान एग्रो’ केवल एक निर्माण इकाई नहीं, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है। इस इकाई में  25 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है, जिससे उनके परिवारों को आर्थिक सहारा प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही कोण्डागांव और आसपास के क्षेत्रों के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली कृषि ट्रॉलियां एवं आधुनिक उपकरण स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रहे हैं। अब किसानों को इन उपकरणों के लिए दूसरे जिलों और राज्यों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इससे उनके समय और धन की बचत हो रही है तथा कृषि कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल रही है। सफल उद्यमी के तौर पर स्थापित श्री देवांगन ने उद्योग विभाग की ऋण योजना की मदद से सफलता की नई उंचाई हासिल की है, जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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