
मिडवासा सिंचाई परियोजना को हरी झंडी, 300 करोड़ से बदलेगी 7200 हेक्टेयर खेती की तस्वीर
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के प्रयासों से क्षेत्र के किसानों का वर्षों पुराना सपना अब साकार होने जा रहा है। मध्यप्रदेश शासन ने बहुप्रतीक्षित मिडवासा सिंचाई परियोजना को 300 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लागू होने से क्षेत्र की लगभग 7200 हेक्टेयर कृषि भूमि को नियमित सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे खेती की तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।
वर्षों पुरानी मांग को मिली मंजूरी
क्षेत्र के किसान लंबे समय से स्थायी सिंचाई व्यवस्था की मांग कर रहे थे। बारिश पर निर्भर खेती के कारण किसानों को हर साल अनिश्चितता का सामना करना पड़ता था। कभी कम बारिश तो कभी अधिक वर्षा से फसलें प्रभावित होती थीं। ऐसे में मिडवासा सिंचाई परियोजना किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। सरकार द्वारा वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद अब इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
तीन विधानसभा क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
यह परियोजना तीन प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों-सुरखी, नरयावली और रहली को सीधे तौर पर लाभान्वित करेगी। सुरखी विधानसभा के करैया जारो, मोकलपुर, हनौताखुर्द, नारायणपुर, बंसिया, बेरसला, बैरसिया, हफसिली, बिहारीखेड़ा, तालग्वारी, गुआरी, बदरचुआ, घाटमपुर, सगोरिया, अर्जना और बरोदा रहली गांवों की हजारों हेक्टेयर भूमि को पानी मिलेगा। नरयावली विधानसभा के बरखुआ तिवारी, उदयपुरा तिवारी, समनापुर और किशनपुर गांवों के किसान भी इस योजना से लाभान्वित होंगे। वहीं रहली विधानसभा के सेमरा अंगद, सिमरिया बेलई, सेजपुरा, देवरी, खांड़, रेवझा, हिलगन, मोहनपुरा और ढाना गांवों की कृषि भूमि को भी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
7200 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित
परियोजना के पूर्ण होने के बाद लगभग 7200 हेक्टेयर कृषि भूमि को नियमित पानी मिल सकेगा। इससे किसानों को खरीफ और रबी दोनों सीजन में बेहतर उत्पादन लेने का अवसर मिलेगा। अब तक जहां कई किसान केवल एक ही फसल ले पाते थे, वहीं सिंचाई सुविधा मिलने के बाद दो से तीन फसलें लेना संभव होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। किसान गेहूं, चना, मसूर, सोयाबीन के साथ-साथ सब्जी और बागवानी फसलों की ओर भी रुख कर सकेंगे।
किसानों की आय में होगी बढ़ोतरी
सिंचाई की बेहतर व्यवस्था का सीधा असर किसानों की आय पर पड़ेगा। नियमित पानी मिलने से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होगा। इससे बाजार में बेहतर दाम मिलने की संभावना बढ़ेगी। अनुमान है कि परियोजना लागू होने के बाद किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
रोजगार और स्थानीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना के निर्माण कार्य से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। निर्माण चरण में बड़ी संख्या में श्रमिकों को काम मिलेगा। साथ ही, सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने से कृषि आधारित छोटे उद्योगों और व्यापार को भी गति मिलेगी। क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है।
सरकार का स्पष्ट उद्देश्य
राज्य सरकार का लक्ष्य सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कर कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार का मानना है कि जब तक किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिलेगा, तब तक कृषि क्षेत्र में स्थायी विकास संभव नहीं है। इसी दृष्टि से मिडवासा सिंचाई परियोजना को प्राथमिकता दी गई है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि परियोजना का कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि किसानों को जल्द से जल्द लाभ मिल सके। प्रशासनिक स्तर पर भी निगरानी की व्यवस्था की जा रही है।
क्षेत्र में आएगा बड़ा बदलाव
विशेषज्ञों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्र की कृषि व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगी। जहां पहले पानी की कमी से उत्पादन सीमित था, वहीं अब पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलने से खेती अधिक लाभकारी बन सकेगी। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और ग्रामीण जीवन स्तर में सु



