
रायपुर : पीएम आवास योजना से बदली दिलेश्वर की जिंदगी, मिला सम्मान और आत्मविश्वास
रायपुर, 16 अप्रैल 2026 सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) इसका प्रमुख उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्के घर का सपना पूरा करने में मदद की है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पोड़ी के निवासी श्री दिलेश्वर प्रसाद साहू की कहानी इस बदलाव की प्रेरक मिसाल है। पहले उनका घर कच्चा और मिट्टी से बना हुआ था, जिससे उन्हें हर मौसम में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था और दीवारें कमजोर हो जाती थीं, जिससे परिवार असुरक्षा के बीच जीवन यापन कर रहा था। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जानकारी मिलने पर दिलेश्वर ने आवेदन किया, जिसके बाद उन्हें घर निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता स्वीकृत हुई। उनकी मेहनत और शासन के सहयोग से वर्ष 2024-25 में उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। आज दिलेश्वर अपने परिवार (पत्नी और तीन बच्चों) के साथ एक सुरक्षित और मजबूत घर में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं। वे खेती और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। इस बदलाव ने उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। दिलेश्वर प्रसाद साहू ने सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं
रायपुर/ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब जमीनी स्तर पर लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) इसका प्रमुख उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने c है।
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पोड़ी के निवासी श्री दिलेश्वर प्रसाद साहू की कहानी इस बदलाव की प्रेरक मिसाल है। पहले उनका घर कच्चा और मिट्टी से बना हुआ था, जिससे उन्हें हर मौसम में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था और दीवारें कमजोर हो जाती थीं, जिससे परिवार असुरक्षा के बीच जीवन यापन कर रहा था।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जानकारी मिलने पर दिलेश्वर ने आवेदन किया, जिसके बाद उन्हें घर निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता स्वीकृत हुई। उनकी मेहनत और शासन के सहयोग से वर्ष 2024-25 में उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया।
आज दिलेश्वर अपने परिवार (पत्नी और तीन बच्चों) के साथ एक सुरक्षित और मजबूत घर में सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं। वे खेती और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।
इस बदलाव ने उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। दिलेश्वर प्रसाद साहू ने सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।



