
बजट 2026 से किसानों की 7 बड़ी उम्मीदें
हर साल केंद्रीय बजट किसानों के लिए नई उम्मीदें लेकर आता है। इस बार केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर किसानों की नजरें खास तौर पर खेती की बढ़ती लागत, फसल नुकसान, पानी की समस्या और आय की स्थिरता पर टिकी हुई हैं। बदलते मौसम, महंगे इनपुट और बाजार की अनिश्चितताओं के बीच किसान सरकार से ठोस और लंबे समय की राहत की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसे में बजट 2026 से किसानों की 7 बड़ी उम्मीदें सामने आ रही हैं।
1. फसल बीमा योजना को मजबूत करने की उम्मीद
पिछले कुछ वर्षों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। कहीं बेमौसम बारिश तो कहीं सूखा और लू किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रही है। ऐसे में किसानों को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को बजट 2026 में और मजबूत किया जाएगा। किसान चाहते हैं कि फसल बीमा के दावों का निपटारा समय पर हो, नुकसान का सही आकलन किया जाए और ज्यादा से ज्यादा किसानों को योजना के दायरे में लाया जाए। यदि क्लेम प्रक्रिया सरल और तेज होती है, तो फसल नुकसान के बाद किसानों को कर्ज के बोझ से बचाया जा सकता है।
2. सिंचाई के लिए ज्यादा बजट और पानी की स्थायी व्यवस्था
देश के कई कृषि क्षेत्र आज भी बारिश पर निर्भर हैं। जल संकट खेती के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। किसान उम्मीद कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत बजट 2026 में अधिक फंड आवंटित किया जाएगा। नहरों की मरम्मत, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा, तालाब और जल भंडारण संरचनाओं के निर्माण से खेती में जोखिम कम हो सकता है। बेहतर सिंचाई व्यवस्था से किसान फसल चक्र और उत्पादन की बेहतर योजना बना सकते हैं।
3. नकली बीजों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद
नकली और घटिया बीज किसानों के लिए बड़ी समस्या बन चुके हैं। बुवाई के समय यदि बीज खराब निकल जाए, तो पूरा मौसम खराब हो जाता है। कृषि मंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि नया सीड बिल बजट सत्र में लाया जा सकता है। किसानों को उम्मीद है कि इस कानून के तहत नकली बीज बेचने वालों पर भारी जुर्माना और सख्त सजा का प्रावधान होगा। यदि यह कानून सख्ती से लागू होता है, तो किसानों को बुवाई के स्तर पर ही बड़ा संरक्षण मिल सकता है।
4. कृषि ऋण और सस्ते क्रेडिट की उपलब्धता
खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी के खर्च ने किसानों की जेब पर दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे में किसान चाहते हैं कि बजट 2026 में कृषि ऋण और क्रेडिट सपोर्ट को और आसान बनाया जाए। सरकार द्वारा तय किया गया बड़ा कृषि ऋण लक्ष्य किसानों के लिए राहत बन सकता है, बशर्ते कर्ज आसानी से और समय पर मिले। सस्ते ब्याज पर ऋण मिलने से किसान निजी साहूकारों के चंगुल से बच सकते हैं।
5. पीएम धन-धान्य कृषि योजना से क्षेत्रीय विकास की उम्मीद
सरकार ने हाल ही में पीएम धन-धान्य कृषि योजना को 100 जिलों में लागू किया है। इस योजना का उद्देश्य मिट्टी की सेहत सुधारना, स्थानीय फसल योजना को बढ़ावा देना और आधुनिक खेती पद्धतियों को अपनाना है। बजट 2026 में किसानों को उम्मीद है कि इस योजना के तहत ज्यादा जिलों को जोड़ा जाएगा और तकनीकी सहायता बढ़ाई जाएगी। इससे क्षेत्र के अनुसार खेती को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादन के साथ-साथ आय में भी सुधार होगा।
6. कृषि और खाद्य निर्यात को बढ़ावा
भारत का कृषि और खाद्य निर्यात लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी किसानों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। बजट 2026 में किसानों को उम्मीद है कि सरकार कृषि और खाद्य निर्यात को बढ़ाने के लिए नई घोषणाएं करेगी। बेहतर स्टोरेज, कोल्ड चेन, प्रोसेसिंग यूनिट और निर्यात प्रक्रिया को आसान बनाने से किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेहतर दाम मिल सकते हैं। इससे खेती को सिर्फ जीविका नहीं, बल्कि एक मजबूत व्यवसाय के रूप में स्थापित किया जा सकता है।
7. पीएम किसान सम्मान निधि योजना से राहत की उम्मीद
किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना आज भी आय सहारे की सबसे अहम योजनाओं में गिनी जाती है। बढ़ती खेती लागत और घरेलू खर्चों के बीच किसान उम्मीद कर रहे हैं कि बजट 2026 में इस योजना के तहत सहायता राशि या इसके दायरे को लेकर कोई सकारात्मक घोषणा की जा सकती है। किसानों का मानना है कि यदि भुगतान प्रक्रिया और अधिक सुचारु हो तथा योजना का लाभ सभी पात्र किसानों तक समय पर पहुंचे, तो यह बुवाई और फसल तैयार करने के दौरान बड़ा सहारा बन सकती है। खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह योजना आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकती है।
2026 बजट : 1 फरवरी किसानों की उम्मीदों का दिन
केंद्रीय बजट 2026 किसानों के लिए सिर्फ एक साल का बजट नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की खेती की दिशा तय करने वाला दस्तावेज हो सकता है। यदि सरकार फसल बीमा, सिंचाई, बीज गुणवत्ता, कृषि ऋण, क्षेत्रीय योजनाओं और निर्यात पर ठोस कदम उठाती है, तो इससे किसानों की आय और खेती की स्थिरता दोनों मजबूत हो सकती हैं। ऐसे में 1 फरवरी 2026 को किसान बड़ी उम्मीदों के साथ बजट की ओर देख रहे हैं।



