विदिशा के किसान को सब्सिडी पर मिला सुपर सीडर, बुवाई हुई और आसान
मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की दिशा में किसानों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में विदिशा विकासखंड के ग्राम चीतरिया के किसान मनोहर रघुवंशी ने हाल ही में रबी सीजन की बुवाई के लिए सुपर सीडर मशीन का उपयोग किया। यह मशीन उन्हें कृषि विभाग की सब्सिडी योजना के तहत रियायती दर पर प्राप्त हुई, जिससे न सिर्फ बुवाई आसान हुई बल्कि लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
सुपर सीडर सहायता से 50 बीघा में हुई सफल बुवाई
किसान रघुवंशी ने सुपर सीडर की सहायता से करीब 50 बीघा क्षेत्र में बुवाई का कार्य पूरा किया। पहले जहां इतने बड़े क्षेत्र में बुवाई करने में अधिक समय और मेहनत लगती थी, वहीं सुपर सीडर की बदौलत यह काम काफी तेजी से पूरा हो गया। उन्होंने बताया कि मशीन मिलने से खेती का काम न केवल सरल हुआ बल्कि समय पर रबी फसलों की बुवाई भी सुनिश्चित हो सकी।
सुपर सीडर क्या है और कैसे करता है काम
सुपर सीडर एक आधुनिक कृषि मशीन है जो एक साथ कई कार्य करती है, सुपर सीडर मशीन खेत में मौजूद फसल अवशेषों (पराली) को मुलायम और प्रबंधित करती है। यह खेत की मिट्टी को बिना ज्यादा जोत-खोद के सीडिंग के लिए तैयार कर देती है और फिर उसी समय बीज और खाद दोनों की समान रूप से बुवाई कर देती है। इसी कारण इसका उपयोग तेज, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है।
सुपर सीडर के उपयोग से होने वाले प्रमुख फायदे
सुपर सीडर का उपयोग करने से किसान को कई लाभ प्राप्त होते हैं, इनमें से प्रमुख लाभ इस प्रकार से हैं:
1. भूमि की नमी संरक्षित रहती है
सुपर सीडर मशीन बिना पूरे खेत को पलटाए हल्की गहराई पर बुवाई करती है, जिससे मिट्टी की नमी नष्ट नहीं होती और फसल को शुरुआती दिनों में बेहतर नमी मिलती है।
2. पराली प्रबंधन आसान
फसल कटाई के बाद खेत में बची पराली को जलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इससे पर्यावरण की सुरक्षा होती है। मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और खेत की संरचना बेहतर बनी रहती है।
3. लागत और समय दोनों की बचत
कम समय में अधिक क्षेत्र में बुवाई होने से डीजल, मजदूरी और अतिरिक्त मशीनरी पर आने वाला खर्च कम होता है।
4. बेहतर अंकुरण और उत्पादन
वैज्ञानिक तरीके से बीज की समान बुवाई होने से फसल का अंकुरण सही होता है और पैदावार बढ़ने की संभावना अधिक होती है।
तेज, किफायती और वैज्ञानिक खेती
किसान मनोहर रघुवंशी ने मशीन का उपयोग करने के बाद बताया कि सुपर सीडर ने हमारा काम तीन गुना आसान कर दिया। समय बचा, खेत में नमी सुरक्षित रही और बीज की बुवाई भी बिल्कुल सही तरीके से हुई। सबसे अच्छी बात यह रही कि नरवाई जलाने की जरूरत नहीं पड़ी, जिससे पर्यावरण को भी नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक कृषि मशीनें किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक वैज्ञानिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सुपर सीडर पर मिलता है सब्सिडी का लाभ
कृषि विभाग की ओर से किसानों को आधुनिक उपकरण अपनाने के लिए सब्सिडी प्रदान की जाती है। सुपर सीडर पर 40–50% तक सब्सिडी का लाभ दिया जाता है। वहीं छोटे और सीमांत किसानों के लिए अधिकतम 50–60% तक सब्सिडी मिलती है। समूह या एफपीओ के लिए सब्सिडी और भी अधिक हो सकती है। सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसान कृषि यांत्रिकीकरण पोर्टल या जिला कृषि कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। मनोहर रघुवंशी ने भी इसी योजना के तहत सुपर सीडर प्राप्त किया, जिससे मशीन की लागत काफी कम हो गई और उनके लिए इसे खरीदना आसान हो गया।
कृषि विभाग का निरंतर प्रयास
कृषि विभाग लगातार आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को नई तकनीकों और मशीनों के बारे में जागरूक कर रहा है। सुपर सीडर जैसी मशीनें पर्यावरण संरक्षण, समय पर बुवाई, लागत में कमी और फसल उत्पादन बढ़ाने के लिहाज से किसानों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। कृषि विभाग का मानना है कि यदि किसान आधुनिक मशीनरी अपनाएं तो खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन सकती है।



