खेत खलिहान

2026 में यूरोपीय यूनियन के अनाज उत्पादन में गिरावट का अनुमान; गेहूं उत्पादन घटेगा, मक्का में हल्की रिकवरी संभव: COCERAL

2026 सीजन के लिए अपने पहले आकलन में अनाज और तिलहनों के व्यापार से जुड़ी यूरोपीय संस्था COCERAL ने EU-27 और यूके में अनाज उत्पादन में गिरावट का अनुमान जताया है। कुल उत्पादन 2,967 लाख टन रहने का अनुमान है, जो 2025 के 3,066 लाख टन के उत्पादन से कम है। इसका कारण यह है कि बेहद मजबूत वर्ष (2025) के बाद फसलों की पैदावार फिर से सामान्य स्तर पर लौटने की संभावना है।

ड्यूरम को छोड़कर गेहूं का उत्पादन 2026 में 1,439 लाख टन रहने का अनुमान है, जो 2025 में 1,475 लाख टन था। हालांकि पैदावार पिछले वर्ष के असाधारण स्तर से कम रहने की उम्मीद है, लेकिन हाल के महीनों में हुई बारिश से मिट्टी में नमी की स्थिति बेहतर हुई है, जिससे सर्दियों से पहले EU के कई हिस्सों में फसलों का विकास अच्छा हुआ है। गेहूं का रकबा पिछले साल के मुकाबले थोड़ा अधिक रहने की संभावना है।

जौ के उत्पादन में भी गिरावट का अनुमान लगाया गया है। इसका उत्पादन 2025 के 632 लाख टन की तुलना में 2026 में 582 लाख टन रहने का अनुमान है। यह गिरावट मुख्य रूप से पैदावार के औसत स्तर पर लौटने के कारण मानी जा रही है। स्पेन में सबसे ज्यादा गिरावट की आशंका है, जहां 2025 में पैदावार बेहद अच्छी रही थी, जबकि यूके में रकबे में कमी के कारण उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

मक्का के मामले में, COCERAL को उम्मीद है कि 2025 में सूखे से प्रभावित फसल के बाद 2026 में कुछ सुधार देखने को मिलेगा। हालांकि, बीते वर्षों में कई क्षेत्रों में कमजोर पैदावार से किसान निराश रहे हैं, जिसके चलते मक्का का रकबा घटता जा रहा है। खासकर फ्रांस और बाल्कन देशों में किसान सूरजमुखी और सोयाबीन जैसी अन्य वसंतकालीन फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे मक्का की बुवाई में और कमी आने की संभावना है।

यदि ये रुझान बने रहते हैं, तो EU में मक्का का रकबा 2020 की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत कम हो जाएगा, यानी 90 लाख हेक्टेयर से घटकर 80 लाख हेक्टेयर से नीचे आ सकता है। 2026 में मक्का उत्पादन 589 लाख टन रहने का अनुमान है, जो 2025 के 571 लाख टन से थोड़ा अधिक होगा।

2026 में रेपसीड का उत्पादन 218 लाख टन रहने का अनुमान है, जो 2025 के स्तर के बराबर है। हालांकि 2025 की मजबूत पैदावार के बाद 2026 में पैदावार के औसत स्तर पर लौटने की संभावना है, लेकिन रकबे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी इसकी भरपाई कर सकती है। रेपसीड का रकबा 71 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 75 लाख हेक्टेयर होने का अनुमान है। COCERAL के अनुसार, अगस्त और सितंबर में रेपसीड की बुवाई के सामान्य समय के दौरान किसानों को खेत-स्तर पर काफी आकर्षक कीमतें मिलीं, जिससे अधिक बुवाई को प्रोत्साहन मिला।

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